Nishpaksh Samachar
ताज़ा खबर
अन्यक्राइमग्रामीण भारतताज़ा खबरनारद की नज़रप्रादेशिकराजधानी

नारद की नज़र- जिम्मेदारों की रग-रग में बसा भ्रष्टाचार, जनप्रतिनिधि बन गए करोड़पति, समस्या जस की तस…!

nishpaksh samachar

भ्रष्टाचार जिले में सभी सीमाएं पार कर गया एवं सिस्टम में बैठे लोगों की रग रग में बस गया है..! यही कारण हो सकता है जो जिले की समस्याओं में कोई सुधार होता नजर नहीं आता। जनप्रतिनिधि और इनके सहयोगी कुछ ही दिनों में करोड़पति बन जाते है, लेकिन गांव नगर और क्षेत्र के लोग सुविधाओं के लिए तरसते रह जाते हैं।

दमोह – इसी तरह की एक मामला दमोह जिले का सामने आया है, जनपद क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमले के लोग घोटाला इतनी वेशर्मी और सीनाजोरी से करते हैं कि इन्हें लगता ही नहीं कि इनकी चोरी पकड़ी जायेगी। शासन के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने एक वेबसाइट की शुरुआत की थी, जब पंचायत विभाग की वेबसाइट पर नजर डाली तो दमोह जिले की सभी सातों जनपद में लाखों रुपए के कार्य विंध्य विकास प्राधिकरण निधि से होना पाए गए। विंध्य विकास प्राधिकरण से विंध्य क्षेत्र के विकास कार्य तो हो ना सके और इस मद में बुंदेलखंड विकास के लिए पैसा लगाना कहीं ना कहीं विभाग को सवालों के घेरे में ला रहा है।

Read also– केंद्रीय मंत्री के खास शिवचरण पर भ्रष्टाचार के आरोप, 40 की जगह  91 लाख में बनाई 2.5 KM लंबी सड़क

विंध्य विकास प्राधिकरण का उद्देश्य– योजना एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा सितंबर 2008 में विंध्य विकास प्राधिकरण, महाकौशल विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था, इनके गठन का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों से आर्थिक और सामाजिक पिछड़ापन दूर करने एवं विकास की गति को बढ़ाने के लिए किया गया था। जिन उद्देशों के लिए इसका का गठन हुआ उसके अनुसार प्राधिकरण कार्य नहीं कर पाया, पहले कार्यकाल में कुछ प्रयास भी हुए थे लेकिन दूसरे मैं यह उद्देश्य भटक गई। विंध्य विकास प्राधिकरण को जो राशि शासन से मिली थी, उसमें मनमानी रूप से खर्च किया गया, इसी का नतीजा है कि विंध्य विकास के लिए आया पैसा बुंदेलखंड के दमोह जिले में खर्च हो गया।

Read also– बुंदेलखंड: केंद्रीय मंत्री के लोकसभा क्षेत्र का हाल, नाले के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हुए ग्रामीण

दमोह जनपद में 15 में से दो कार्य पूर्ण राशि 40 फीसदी खर्च– विंध्य विकास प्राधिकरण मद से दमोह जनपद पंचायत में 15 लाख 38 हजार रुपए की लागत के 13 निर्माण कार्य स्वीकृत लिए गए। इन कार्यों पर 40 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है और मात्र दो कार्य ही पूर्ण हुए हैं। दमोह जनपद की लकलका, किल्लाई, अथाई, रियाना, अर्थखेड़ा, अधरौटा, मनका, कनियाघाट पटी, सलैया हटरी, पिपरिया टिकरी, खिरिया पंचायतों में कार्य स्वीकृत किये गये।

Read also– बेटे की हरकतों से परेशान पिता ने अपनी आधी संपति पालतू श्वान के नाम की 

विंध्य विकास प्राधिकरण निधि से बटियागढ़ जनपद में 10 लाख हुए खर्च– विंध्य विकास प्राधिकरण मद से दमोह जिले की जनपद पंचायत बटियागढ़ में करीब 10 लाख रुपए की लागत के 7 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए। जिसमे करीब 75 फीसदी राशि खर्च की गई, इस मद से फतेहपुर, फुटेराकला, बकायन और चैनपुरा पंचायत में कार्य किए गए।

Read also– काले हीरे के काले कारोबार से वन विभाग बेखबर.!

विंध्य विकास प्राधिकरण मद से जबेरा जनपद में हुए कार्य– विंध्य विकास प्राधिकरण निधि से जिले की जनपद पंचायत जबेरा में करीब 6 लाख 25 हजार रुपए की लागत से 5 निर्माण कार्य स्वीकृत हुए जिनमें 27 फीसदी राशि खर्च भी की। यह निर्माण कार्य कोरता, मनगुवां घाट, बिजोरा, मुडारी पंचायत में हुए हैं।

Read also– केंद्रीय संस्कृति मंत्री के क्षेत्र की संस्कृति बिगड़ी

जिले की अन्य पंचायतों में भी हुए ढेरों कार्य–  इसी तरह पटेरा जनपद पंचायत की बमनपुरा और कुवाखेड़ा बाजी में करीब 18 लाख रुपए से दो निर्माण कार्य स्वीकृत हुए जो अभी प्रारंभ भी नही हुए और 9 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। पथरिया जनपद पंचायत की खोजाखेड़ी पंचायत, हटा जनपद की देवरी, तेंदूखेड़ा जनपद की जामुन पंचायत में विंध्य विकास प्राधिकरण मद से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गए थे।

Read also– तहसीलदार बबीता राठौर की कार्यशैली को लेकर जताई आपत्ति, उधर कमिश्नर ने मांगा स्पष्टीकरण

दरअसल भ्रष्टाचार का कोई भी मामला छोटा या बड़ा नहीं होता, सभी एक जैसे ही गंभीर होते हैं। इससे भी बड़े दुख की बात यह है कि इस सिस्टम में बैठे लोग भ्रष्टाचार की प्रमाणित खबरों व शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं करते, जिससे लगता है कि जिले में भ्रष्टाचार सभी सीमाएं पार कर इन जैसे लोगों की रग-रग में बस गया है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया जब इस मामले को जिला पंचायत के सीईओ अजय श्रीवास्तव को अवगत कराया वह भी अचंभे में थे और मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं। 

Related posts

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमित मरीजों के घर पर लगाए जाने वाले पोस्टरों पर रोक लगाई

Nishpaksh

वाटर सिक्योटिरी प्लान से जुडें सभी योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथिमिकता से करें- कलेक्टर

Nitin Kumar Choubey

 BIRD FLU: 15 दिन के लिए चिकन शॉप बंद, कलेक्टर ने दिए नपा को निर्देश

Nishpaksh

Leave a Comment