Nishpaksh Samachar
ताज़ा खबर
अन्यग्रामीण भारतताज़ा खबरनारद की नज़रप्रादेशिकराजधानीराजनीति

दमोह उपचुनाव 2021: मामा की प्रतिष्ठा दांव पे, छिन-छिन में आ रए..अमावस्या पर जागेश्वरनाथ में टेकेंगे माथा,रोड शो भी करेंगे..

nishpaksh samachar
नारद की नजर उपचुनाव पर

          दमोह उपचुनाव का मुकाबला संघर्ष पूर्ण हो गया है, भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए दमोह विधानसभा सीट प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब तक दो बड़ी सभा व एक बूथ सम्मेलन को संबोधित किया है। रविवार को अमावस्या पर बांदकपुर में जागेश्वरनाथ के दर्शन कर जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद दमोह शहर में रोड शो कर जन आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। दमोह विधानसभा में करीब 289 पोलिंग बूथ है शायद ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री ने इतने कम लोगों को दमोह में संबोधित किया है।

                     सीएम शिवराज के इन Tweet से लग रहा है कि दमोह बीजेपी में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है.!

          नारद ने पहले ही कह दिया था कि 2021 का उपचुनाव स्वर्णिम इतिहास में लिखा जाएगा। उसका कारण यह है कि प्रदेश के जितने विधायक हैं, चाहे वह भाजपा के हों या कांग्रेस के दमोह का फेरा लगा गए या फेरा लगाने वाले हैं। भाजपा और कांग्रेस के जितने भी संगठन पदाधिकारी हैं, सभी दमोह में डेरा डालकर गली-गली घूम रहे हैं। केंद्र के मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री को बार-बार देखने का मौका मिल रहा है। पहली बार दमोह की जनता जो पहले अपना मुंह सिले हुए थी। अब अपना मुंह खोल रही है। गली-गली पानी नहीं तो वोट नहीं, रोड नहीं तो वोट नहीं का पैंतरा दिखा रही है। हालांकि किसानों ने उड़द का जो दांव चला था, उससे किरकिरी कमलनाथ की हुई है, क्योंकि किसान से लेकर जनता तक को मालूम है कि उड़द का पैसा कमलनाथ सरकार के समय में आधा-अधूरा दिया गया था।

                सुबह लॉकडाउन का फैसला तो दोपहर में कांग्रेस के बागी विधायक राहुल सिंह के समर्थन में सभा करने दमोह पहुंचे सीएम शिवराज

           कांग्रेस द्वारा छोड़ा गया टिकाऊ और बिकाऊ का मुद्दा जो हाल में हुए पिछले उपचुनावों में टांय-टांय फिस्स हो गया था, दमोह उपचुनाव में भी नहीं चल पा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी अकेले पड़ गए हैं। कांग्रेसी कार्यकर्ता घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। पुराने कांग्रेसी अपना पुराना हिसाब-किताब बराबर करने में लग गए हैं।

                   भाजपा खेमे में स्थानीय और बाहरी को लेकर हाथापाई 

          अब नारद को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर भांजे-भांजियों के मामा यानि शिवराज सिंह इतने घने-घने क्यों आ रहे हैं। उन्होंने इस सीट को प्रतिष्ठापूर्ण क्यों बना लिया है। भाजपा ने चुनाव प्रचार की शुरुआत तब कर दी थी, जब राहुल लोधी को गोदामों का अध्यक्ष बनाकर भेजा गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री व वीडी शर्मा किसानों के सम्मेलन में इसकी घोषणा कर गए थे। तो मामा ने अपनी प्रतिष्ठा क्यों दांव पर लगा दी है। नारद को इसके पीछे भाजपा की दूरगामी रणनीति नजर आ रही है। क्योंकि भाजपा की फिजा हिंदीभाषी क्षेत्रों से बनती और बिगड़ती रही है। पूरे प्रदेश और देश की निगाह दमोह विधानसभा सीट पर बनी हुई है। क्योंकि यह चुनाव के समय सबसे गर्म सीट बन जाती है, दमोह के मतदाताओं की गर्मी इस बार कुछ ज्यादा दिखाई दे रही है, जिससे मामा के पसीने छूट रहे हैं।

                  भाजपा प्रत्याशी के सामने चचेरे भाई चप्पल लेकर खड़े हो गए…, चप्पल को लेकर नए पैतरे के साथ सामने आए वैभव

          मामा के दमोह में घने-घने आने के पीछे का कारण प्रदेश भर में फैल रहा कोरोना भी है, दमोह उपचुनाव से कोरोना डर रहा है और दमोह ग्रीन जोन बना हुआ है, इसलिए संडे को भोपाल में घर में रुकने के बजाए मामा ने सोचा होगा कि चलो अमावस्या पर भोले बाबा के दर्शन भी हो जाएंगे, और दमोह में बह रही उपचुनावों की शुद्ध हवा से कोरोना भी दूर रहेगा, तो दमोह की गलियों में भी अपने मामा-भांजियों को दोनों हाथ हिला आएंगे।

पढ़ते रहें निष्पक्ष समाचार: नारायण, नारायण, नारायण

Related posts

ताइवान पर चीनी आक्रमण अब और करीब..!

Nishpaksh

मुख्यमंत्री योगी ने दी जे पी नड्डा को शुभकामनाए, कहा पार्टी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे

Nishpaksh

उत्तराखंड : दस लाख छात्र लाइव जुड़ेंगे परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में, दो छात्रों से पीएम करेंगे बातचीत

Admin

Leave a Comment