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25 सालों से एक ही कॉलेज में पदस्थ है अनेक प्रोफेसर

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पहले नौकरी की आस फिर मनचाही जगह पोस्टिंग के प्रयास : समाजसेवा या स्वहित साधना !

उच्च शिक्षा विभाग पदस्थापना सूची

दमोह- उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, प्राध्यापक, ग्रंथपालो की स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है भोपाल स्तर से अभी कुछ स्थानांतरण की सूची भी उच्च शिक्षा के विभागीय पोर्टल पर दिखाई दे रही है। परंतु प्रदेश स्तर पर ऐसे भी बहुत से कॉलेज है जहां एक ही स्थान पर जमे हुए लोगों को 25 वर्ष से ज्यादा समय हो गया है। अधिकतर तो मनपंसद जगह की तलाश औऱ प्रयास में ही रहते है। वैसे आवश्यकता को ध्यान में रखकर तबादला आदेश जारी किए जाते है परंतु अनेक बार पहुँचवालो के सामने ट्रांसफर नीति भी प्रभावी नहीं होती,और एक ही स्थान पर जमे रहते है।

ट्रांसफर नीति तो शासन के हाथों में है सबके रिकार्ड कम्प्यूटर पर ऑनलाइन मौजूद है फिर भी प्रदेश में ऐसे बहुत सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, प्राध्यापक, ग्रंथपाल है जो काफी लंबे समय से एक ही सरकारी कॉलेज में है। दमोह जिले में कुछ तो ऐसे भी है जिन्होंने पूरी सर्विस एक ही जगह पर कर ली औऱ वहीं से उनका रिटायरमेंट भी हुआ। आश्चर्य यह है कि पहले तो लोग नौकरी की तलाश करते है फिर मनचाही जगह पोस्टिंग की जुगाड़ में लग जाते है यह शोध का विषय भी हो सकता कि क्या यह वाकई समाजसेवा है या स्वहित साधने की कामना ! औऱ उच्च शिक्षा विभाग का ध्यान भी इस ओर नहीं गया!

उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल से जब जिले के सरकारी कॉलेज की स्थिति देखी गई तो वह भी कुछ ऐसी ही है जहां सालों से सरकारी कॉलेज में पढ़ाने वाले एक ही जगह पर है औऱ उनका ट्रांसफर नहीं हुआ। इसी जून माह में तहसील पथरिया के सरकारी कॉलेज से एक सह प्राध्यापक बाबूलाल अहिरवार का रिटायरमेंट भी हुआ जो यहां 1989 से पदस्थ रहे सन 2008 में इनका ट्रांसफर जिले के ही जबेरा तहसील में हुआ पर वे वहां मात्र चार महीने रहकर पुनः पथरिया वापस आ गए औऱ इस तरह एक ही स्थान पर 30 साल जमे रहे, स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन्होंने संस्थागत विकास से ज्यादा व्यक्तिगत/आर्थिक प्रगति की।

जिले के सरकारी कॉलेज में पिछले 15 साल से 25 साल औऱ उससे भी अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, प्राध्यापकों की सूची

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दमोह
1. रश्मि जेता (इतिहास) 1994 से अब तक पदस्थ
2. डॉ आई जैन दिवाकर (राजनीति शास्त्र) 1993 से
3. डॉ अनिता (हिंदी) 1993 से
4. डॉ पी के जैन (वाणिज्य) 1995 से
5. डॉ के के दुबे (हिंदी) 1995 से
6. डॉ एम अवस्थी पांडे ( गणित) 1995 से
7. रमाकांत व्यास (जूलॉजी) 1997 से
8. डॉ एस जैन (अर्थशास्त्र) 1997 से
9. डॉ ए सोनी (रसायनशास्त्र) 1999 से
10. डॉ वी के रोहित (रसायनशास्त्र) 2000 से
11. डॉ ए के जैन  (इंग्लिश) 2000 से
12. डॉ पी नायक (इंग्लिश) 2001 से
13. डॉ आई के भट्टी (अर्थशास्त्र) 2003 से
14. डॉ के चौरसिया (हिंदी) 2004 से
15. डॉ के के कोरी (गणित) 2004 से
16. के एस बामनिया (संस्कृत) 2004 से
17. डॉ एन आर सुमन (बॉटनी) 2006 से

कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय, दमोह
1. श्रीमती के दुबे (रसायनशास्त्र) 1985 से अब तक
2. डॉ के के उमहिया (वाणिज्य) 2000 से
3. डॉ एम नायक (इंग्लिश) 2000 से
4. डॉ एन पी नायक (वाणिज्य) 2002 से
5. डॉ रेखा जैन (भूगोल) 2002 से

शासकीय महाविद्यालय जबेरा- 1.मुकेश शाह  (अर्थशास्त्र) 2006 से

“लगातार एक ही स्थान पर पदस्थ प्रोफेसर्स का ट्रांसफर होना चाहिए,क्योकि छात्रों को लाभ नहीं मिल रहा है और वे उत्तरदायित्व भी नहीं निभा रहे है अधिकतर देखने में आया है कि वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंचते जिससे गांव और दूरस्थ अंचलों से आये छात्रों को परेशान होना पड़ता है” – शिवेंद्र तिवारी जिलाध्यक्ष एवीबीपी, दमोह

“स्थानांतरण नीति का उच्च शिक्षा विभाग में भी सख्ती से पालन होना चाहिए,देखने में तो यह भी आता है कि अधिकतर प्रोफेसर्स अपनी सुविधा अनुसार ट्रांसफर लेते है या ट्रांसफर रुकवा लेते है औऱ अध्ययन-अध्यापन में अरुचि दिखाते है”शुभम तिवारी जिलाध्यक्ष एनएसयूआई, दमोह

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