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भाजपा प्रत्याशी के सामने चचेरे भाई चप्पल लेकर खड़े हो गए…, चप्पल को लेकर नए पैतरे के साथ सामने आए वैभव

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नारद की नजर दमोह उपचुनाव पर

      दमोह विधानसभा उपचुनाव अपनी गाथा स्वर्णिम इतिहास के पन्नों में लिखने के लिए आगे बढ़ता जा रहा है। नामांकन वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के दिन एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी के चचेरे भाई वैभव सिंह ने सभी का ध्यान अपनी आकर्षित कराया है। 

      उन्हें चुनाव आयोग द्वारा चप्पल चुनाव चिह्न दे दिया गया है। जैसे ही वह तहसील कार्यालय के बाहर अपना चिह्न लेकर बाहर लौटे तो दोनों हाथों में चप्पल लेकर बाहर निकले। अब चचेरे भाई को चप्पल चुनाव चिह्न मिलना राहुल के लिए सबसे बड़ी टेंशन साबित होने वाली है। क्योंकि वैभव सिंह मंझे हुए अधिवक्ता और कानून के जानकार हैं, वे भले ही जनता के बीच चुनाव प्रचार करने न जाएं, लेकिन चुनाव प्रत्याशी के रूप में कानूनी रूप से पेंच फंसाने में काफी माहिर माने जाते हैं। 

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      पिछले दो दिन से उन्होंने अपने पैतरों से न केवल मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, बल्कि उन्होंने अपनी बात पहुंचाने के सशक्त माध्यम भी खोज लिए हैं, जिसे हम सामान्य भाषा में पैतरा कहते हैं, अब वह पूरी तरह मैदान में हैं, उनके मास्टर माइंड से रोज नए फार्मूले ईजाद होंगे और सत्ताबल को निर्बल करने के लिए उनके हथकंडे कारगर साबित होंगे, क्योंकि विधि संगत बात करने वाला व्यक्ति सबसे बड़ा बलवान होता है। अब यदि चुनाव आयोग वैभव के चुनाव चिह्न पर कोई पेंच नहीं फंसाता है तो दमोह विधानसभा उपचुनाव की यह सीट आगे की रणभेरी में सबसे हॉट सीट बनने जा रही है। 

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      नारद की नजर में वैभव का अनूठे तरीके से चुनावी वैभव फैलाने की रणनीति ही इस चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हथकंडा है। इनके पीछे एक वह धड़ा भी अंडर ग्राउंड काम कर रहा है, जिसने दमोह में पहली बार भाजपा के राहुल सिंह के आगमन पर चप्पल की माला और स्याही से स्वागत करने का प्रयास किया था। जिससे भाजपा संगठन और भाजपा सरकार के लिए यह चुनाव आगामी दिनों में प्रतिष्ठा बनने वाला है। क्योंकि जो हालिया उपचुनाव हुए हैं, उनमें भाजपा को जितनी परेशानी और मेहनत नहीं हुई है, उससे अधिक मेहनत इस चुनाव में होने वाली है। 

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दमोह के हैं सशक्त नारद :– पूरे प्रदेश में दमोह जिला ऐसा है जहां सशक्त व निशक्त नारद यानि मीडिया मौजूद है। दमोह की इस पूरी मीडिया को आज तक कोई भी मैनेज नहीं कर पाया है, जिससे दमोह से भले ही छोटी हो या बड़ी खबर प्रमुखता से उठती है। यहां के नारदों की कलाकारी पूर्ण खबरों की प्रस्तुतियोंं से टीआरपी मिलती है। मौजूदा टीआरपी के दौर में इससे कोई भी मीडिया संस्थान पीछे हटने वाला नहीं है। जिससे हर-हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी खबर दमोह से रोज सुर्खियां बनती है। नारद को 2018 का चुनाव याद आ रहा है कि जब डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने भी भाजपा को नाकों चना चबवाएं थे। अब वहीं नौबत निर्दलीय वैभव सिंह के मामले में सामने आने वाली है।

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