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कम समय में अधिक कर गए ‘‘मोनू भैया’’ सबके ह्दय में सदैव रहेंगे याद, स्व.मणिनागेन्द्र सिंह पटेल ‘‘मोनू भैया’’ की स्मृति में आयोजित श्रृद्धांजलि सभा

दमोह :-  समय के साथ कुछ घाव भर जाते है परंतु कुछ घाव ऐसे होते है जो सदैव चुभते रहते है वह भरते नहीं है। ऐसा ही कुछ घाव मोनू की असमय मृत्यु का कारण बन गया है। लेकिन उनकी मृत्यु लगातार उनके अनुयायियों को लगातार नई दिशा देती रहेगी। यह बात वरिष्ठ साहित्यकार चिंतक विचारक पं. श्याम सुंदर दुबे ने दमोह सांसद कार्यालय में आयोजित श्रृद्धांजलि सभा में उनके प्ररेणादायी उद्बोधन में कही। पं. श्री दुबे अपने उद्बोधन में उपस्थित विशाल जन समूह को चिंतन मनन करने की बात  कह रहे थे। मृत्यु पर आधारित उनका उद्बोधन लगातार दिल दिमाग में एक अजीब स्थिति को पैदा कर रहा था। उन्होने यक्ष और युधिष्ठिर के संवाद को प्रस्तुत करते हुए कहा कि यक्ष ने प्रश्न किया युधिष्ठिर से कहा कि मनुष्य को पूरे जीवन भर अपने जीवन की चिंता क्यो नहीं होती ? युधिष्ठिर कहते है कि हम रोज-रोज लोगों को मरते देखते है फिर भी हम जीवित रहना चाहते हैं । यक्ष कहता है कि यहां आश्चर्य क्या है। युधिष्ठिर उत्तर में कहते है। हम अपनी मृत्यु पर कभी विचार नहीं करते देखते है लाखो लोग काल का ग्रास बन रहे है, फिर भी शेष बचे रहना चाहते है? कबीर के दो दोहो को प्रस्तुत करते हुए पं. दुबे ने मृत्यु के ऊपर विचार व्यक्त किए, पं. श्याम सुंदर दुबे ने मृत्यु की सृजनशीलता और मार्ग क्षमता के बारे में विस्तार से बात रखी कि मृत्यु ऐसी स्त्री है जो आटा स्वयं गूथती है, लोई बनाती, रोटी पकाती है और स्वयं खाती है। वह मारती भी है और पैदा भी करती है। मृत्यु अनिवार्य है। परंतु जिस प्रकार पुष्प खिलकर किसी ईश्वर के सिर पर चढ़ जाता है और धन्य हो जाता है वहीं एक और पुष्प होता है जो समय अनुरूप वृक्ष से अलग होकर गिर जाता है। और जमीन में गिरकर खाद बन जाता है। इससे अलग एक ओर स्थिति होती है। जिससे अनेक बार लोग उबर नहीं पाते। परंतु शाश्वत सत्य है मृत्यु पं. दुबे ने अपने उद्बोधन में अनेक बार उपस्थित लोगों को अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में चिंतन मनन करने के लिए मजबूर कर दिया ज्ञात हो कि दमोह सांसद कार्यालय में स्व. मणिनागेन्द्र सिंह पटेल ‘‘मोनू भैया’’ की श्रृद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में पं. श्याम सुंदर दुबे वक्तव्य दे रहे थे। दमोह सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के भतीजे एवं विधायक जालम सिंह पटेल के सुपुत्र मणिनागेन्द्र सिंह पटेल‘‘मोनू भैया’’ की गत 01 मई 2023 को ह्दय गति रूकने से असमय मृत्यु हो गई थी। उनको श्रृद्धांजलि देने के लिए लगातार बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है।

            श्रृद्धांजलि:- दमोह सांसद कार्यालय में आयोजित श्रृद्धांजलि सभा सनातन धर्म की परंपरा और मान्यताओं के अनुसार विद्वान विप्रो के द्वारा शांति पाठ एवं दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित करके किया गया। वहीं दूसरी ओर मंच पर सनातन धर्म, इस्लाम, सिख, ईसाई सहित विभिन्न पंतो के प्रमुख मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए इंजीनियर अमर सिंह राजपूत ने आयोजन के प्रयोजन की जानकारी दी वहीं एक लघु फिल्म के माध्यम से ‘‘मोनू भैया’’ की जीवन पर आधारित फिल्म का फिल्मांकन किया गया । इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान का भी प्रसारण किया गया। उपस्थित विशाल जनसमूह ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर प्रार्थना की। सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बजाज ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कोन है ‘‘मोनू भैया’’ :- गोटेगांव नगर के लोगो को स्मरण होगा कि नगर देवता श्री देव ठाकुर बाबा जी का मन्दिर बेहद जीर्ण-शीर्ण हो गया था,कुछ भाग में अतिक्रमण भी कर लिया गया था मुख्य मार्ग तरफ के हिस्से में वर्षो पुरानी दुकाने थी ,कुल मिलाकर जीर्णोद्धार मुश्किल लगता था पर बाबा की कृपा एवं आशीर्वाद से आज श्री देव ठाकुर बाबा मन्दिर का बाह्य रूप देखते ही बनता है,आन्तरिक स्थल की अनूभूती भी आनन्द एवं श्रद्धा से परिपूर्ण है । मन्दिर के काया कल्प में मन्दिर के रख रखाव के लिये बने ट्रस्ट जिसके प्रमुख स्व. मणिनागेन्द्र सिंह मोनू पटेल के दादा श्री मुलाम सिंह पटेल है की तो प्रमुख भूमिका है ही, मोनू पटेल का भी अहम योगदान रहा है । यहा होने वाले वार्षिक भंडारे में हजारो लोग परसादी गृहण करते हैं। भंडारे की व्यवस्था मोनू मित्र मंडली करती ये साथ ही दीपावली की रात आम जनता और बच्चों के साथ हजारों की संख्या मे दीपों को प्रज्वलित करके दीपावली का पर्व मनाया जाता था।

            गोटेगांव मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवा नेता ने अपनी अलग ही पहचान बनाई थी प्रभावशाली,प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार मे पैदा हुए युवा नेता जन जन के चहेते रहे। यह भी सही है कि युवा नेता ने होश संभालते ही सत्ता की चकाचैंध को बहुत नजदीक से महसूस किया था । वह सत्तालोलुप लोगो की चापलूसी एवं चमचागिरी फिर कुछ समय उपेक्षा एवं प्रतिशोध के भी भंवरजाल मे फंसे । यह भी 100 फीसदी सत्य है कि आज की अवस्था तक आते-आते उससे कुछ गल्तिया भी हुई होंगी। लेकिन यह बिल्कुल सफेद झूठ है कि वह  किसी को कुछ नही समझता,वह क्रूर है,विरोधियो,आलोचको को निपटाने मे यकीन रखता है  । यह बात हो रही है मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गोटेगाँव तहसील मुख्यालय मे जन्मे,पढे ओर बढ़े युवा नेता देवलोक गमन मणिनागेन्द्र सिंह  “मोनू”  पटेल की ।

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