Nishpaksh Samachar
ताज़ा खबर
अन्यग्रामीण भारतघटनाक्रमप्रादेशिकराजधानीराजनीति

गंदगी माँ नर्मदा के आंचल में नही जाए इसके प्रयास करने होंगे- प्रह्लाद पटेल

nishpaksh samachar

लोकनृत्य गुडूम से की गयी केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और मुख्यमंत्री की अगवानी

नर्मदा को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सभी का दायित्व – मुख्यमंत्री भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय की प्रशाद योजनांतर्गत अमरकण्टक में 49.98 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास

nishpaksh samachar
‘‘प्रशाद’’ योजनान्तर्गत विकास कार्यों का शिलान्यास

अनुपपुर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार प्रह्लाद सिंह पटेल का अमरकंटक आगमन पर आईजीएनटीयू हेलिपैड, अमरकंटक में आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्य कार्यक्रम स्थल में स्थानीय लोकनृत्य गुडूम से अगवानी की गयी।

कार्यक्रम का शुभारम्भ कन्या पूजन एवं अमरकंटक क्षेत्र के प्रतिष्ठित साधु संत जनो को शाल श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिसाहूलाल सिंह मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा पर्यटन ने की तथा  संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री ऊषा बाबू सिंह ठाकुर कार्यक्रम में विशेष अतिथि थे।

यह भी पढ़े -: केंद्रीय मंत्री के खास शिवचरण पर भ्रष्टाचार के आरोप, 40 की जगह 91 लाख में बनाई 2.5 KM लंबी सड़क 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज अनूपपुर जिले के दौरे पर थे उनके साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अमरकंटक में 49.98 करोड़ लागत से विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय की प्रशाद योजना के तहत सीएम विकास कार्यों की सौगात दी और मिनी स्मार्ट सिटी अमरकंटक योजना के तहत 8.01 करोड़ लागत के कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अलावा 24.92 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया गया।

यह भी पढ़े -: परिवहन एवं राजस्व विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश को मिलेगा नया स्वरूप-मंत्री श्री राजपूत 

समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पवित्र नर्मदा नदी जहाँ एक ओर प्रदेश में सुख, समृद्धि लाती है वही इसके उद्गम स्थल अमरकण्टक को इंसानो ने विकृत स्वरूप दिया है, जिसके कारण नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से नर्मदा की धारा दिनो दिन कम हो रही है। नर्मदा के उद्गम स्थल से कलकल जल की धारा बहे। नर्मदा का उद्गम स्थल स्वच्छ एवं सुंदर हो, इसके लिए संयुक्त प्रयासो की आवश्कता है।

यह भी पढ़े -: बस स्टेण्ड साइड से जिला अस्पताल का गेट बनवाने के केन्द्रीय राज्यमंत्री ने दिये निर्देश

केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नर्मदा भक्त और सेवक के रूप में अमरकंटक के विकास के माँ नर्मदा ने मुझे निमित्त बनाया है, माँ नर्मदा के इस आर्शीवाद के प्रति मैं आभार प्रकट करता हूँ। माँ नर्मदा के लिए मुझे कुछ अच्छा करने का अवसर मिला है जिसे में अपना भाग्य समझता हूँ। उन्होंने कहा कि नर्मदा की सुंदरता के अलावा स्वच्छता पर भी ध्यान देने की आवश्यता है। अमरकंटक क्षेत्र के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस क्षेत्र में व्यवसायिक भवनो के निर्माण पर प्रतिबंध होना चाहिए तथा गंदगी माँ नर्मदा के आंचल में नही जाए इसके प्रयास करने होंगे। अमरकंटक की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए अमरकंटक में कमर्शियल एक्टीविटीज को रोकना होगा।

यह भी पढ़े -: दमोह: 2013 के विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की दी थी धमकी, प्रशासन को बनानी पड़ी पक्की सड़क 

इस दौरान नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह खाद्य, पर्यटन, संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री उषा बाबू सिंह ठाकुर, आदिम जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य विभाग मंत्री मीना सिंह, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्रि सिंह सहित जिला पंचायत अध्यक्ष रूपमती सिंह एवं पुष्पराजगढ़ विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम में मौजूद रहे।

यह भी पढ़े -: राम मंदिर अपनी दिव्यता एवं भव्यता के साथ स्थापित होगा-मंत्री प्रहलाद पटैल

मां नर्मदा के उद्गम स्थल के विकास के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने प्रसाद योजना (Pilgrimage Rejuvenation And Spirituality Augmentation Drive) के तहत अमरकंटक का चयन किया है। केंद्रीय पर्यटन विभाग ने अमरकंटक सहित मध्य प्रदेश के 5 अन्य धार्मिक स्थलों को भी प्रसाद योजना में शामिल किया है। अन्य धार्मिक स्थलों की तुलना में अमरकंटक के विकास हेतु सबसे अधिक राशि दी जा रही है।

यह भी पढ़े -: बुंदेलखंड: केंद्रीय मंत्री के लोकसभा क्षेत्र का हाल, नाले के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हुए ग्रामीण 

तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (Prasad) एक राष्ट्रीय मिशन है. इसे केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014-15 में शुरू किया गया था। यह योजना धार्मिक स्थलों के पर्यटन अनुभव को समृद्ध करने के लिए देश भर के तीर्थ स्थलों की पहचान और उनके विकास पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी राज्यों के प्रमुख धार्मिक स्थलों को टूरिस्ट फ्रेंडली बनाना और पर्यटन के लिहाज से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास करना है।

Related posts

Spice Jet harasses Passengers by keeping AC switched off.

Admin

मिठाइयों की दुकानों का औचक निरीक्षण, आप घर पर ही चेक कर सकते हैं खोवा की शुद्धता

Nishpaksh

तहसील क्षेत्र अनुसार ही लोक सेवा केंद्रों पर आवेदन जमा कराएं

Nishpaksh

Leave a Comment