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Mission Hospital Case : बिना लीज के फर्जी कागज दिखाकर लेते रहे NOC, अब बटोर रहे हमदर्दी

DAMOH
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शासकीय अभिलेख में दर्ज अतिक्रमण कर बनाई अस्पताल

दमोह : ईसाई मिशनरियों द्वारा शहर के बीचों बीच अरबों रुपए की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण (Encroachment on valuable land) कर बनाई गई मिशन अस्पताल पर नगर पालिका दमोह कार्रवाई करने की बजाय वसूली करने में जुटा हुआ है। बीते दिनों फिर इस बेशकीमती जमीन का नगर पालिका ने 11 लाख 31 हजार 403 रुपए टैक्स वसूला। जबकि यह जमीन आज भी नजूल रिकार्ड में शासकीय भूमि के नाम दर्ज है।

तो वहीं मिली जानकारी के अनुसार बीते करीब 25 वर्षों से 2.48 एकड़ शासकीय जमीन पर ईसाई मिशनरियों द्वारा शहर के सिविल वार्ड में एक निजी अस्पताल चलाई जा रही है, इस शासकीय भूमि के अतिक्रमण को हटाने जब-जब प्रशासन ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तब-तब अस्पताल प्रबंधन बीमारों के इलाज की दुहाई देकर, सांठगांठ कर मामला शांत करा लेते, और फिर फर्जी तरीके से अवैध दस्तावेजों के आधार पर यह संबंधित विभाग से NOC भी हासिल कर लेते।

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यही नहीं नजूल विभाग को जब जानकारी लगी की उक्त संस्था का 2.35 एकड़ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है और संस्था के पास लीज तक नही है तो उन्होंने जांच पड़ताल कर संस्था को नोटिस दिया, जिसके जवाब में संस्था ने नजूल और नगर पालिका से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की NOC और बीमार मरीजों का हवाला देकर हमदर्दी बटोरने की कोशिश की लेकिन संस्था ने आज तक किसी विभाग को सरकारी जमीन की लीज नही दिखाई न ही लीज के कोई दस्तावेज। अब उन्हें नोटिस जारी कर कब्जा छोड़ने कहा जा रहा ओर संस्था है कि कब्जाधारी अपना कब्जा छोड़ने तैयार नहीं।

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अब दमोह में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि शहर के बीच अरबों रुपए की सरकारी जमीन की NOC नजूल और नगर पालिका विभाग द्वारा निजी संस्था को दे दी जाती है। जबकि इस संस्था से जुड़े लोग लगातार NOC में जारी शर्तो का उल्लंघन करते रहे, लेकिन न संस्था न इससे जुड़े लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शर्तो में लिखा जाता है कि शासकीय/अशासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं करेंगे, भूमि विवादित होने और शर्तो का उल्लंघन करने पर NOC निरस्त मानी जाएगी। वहीँ विभागीय अधिकारीयों की माने तो लीज की शर्तों का उल्लंघन करने पर NOC स्वत: निरस्त हो गई है।

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आपको बता दें कि ईसाई मिशनरी (Christian missionary) के प्रमुख माने जाने वाले अजय लाल द्वारा संचालित मिशन अस्पताल अतिक्रमण की भूमि पर बनाई जाने की बात सामने आई है। जिसके लिए कोर्ट से अतिक्रमण की भूमि को खाली करने और अपना पक्ष रखने नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब में मिशन अस्पताल के प्रबंधक ने कोर्ट को जमीन के वैध दस्तावेजों देने की बजाय अस्पताल की सुविधाएं, इलाजरत मरीजों की संख्या और फोटो बता रहे हैं। जबकि संस्था के पास भी उक्त जमीन की लीज के वैध दस्तावेज नही है। जो NOC आदि है वह फर्जी तरीके से अधिकारियों से सांठगांठ कर हासिल की गई हैं अगर परतें खुली तो अनेक जिम्मेदारों का काला चिट्ठा भी सामने आ जाएगा।

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पूर्व में भी संस्था, अस्पताल की व्यवस्था, मरीजों की सुविधा तथा अधिकारियों के परिजनों को नौकरी देकर मामला अपने पक्ष में करने की कोशिश कर चुके है लेकिन सफल नहीं हो पाए। अब देखना होगा अनेक अपराधियों के अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने वाले प्रशासन के नुमाइंदे इस अवैध अतिक्रमण पर कब तक बुलडोजर चला रहे हैं। यहां यह बता दें कि इन पर भी अनेक गंभीर धाराओं में अपराधिक मामले दर्ज है, यह भी कोर्ट से अग्रिम जमानत लेकर बाहर है जबकि शहर की आम जनता अनेक दफा आवेदन, धरना प्रदर्शन, हड़ताल कर प्रशासन से कार्रवाई करने की गुहार लगा चुके है और इंतजार में बैठे है कि कब मामा का बुलडोजर दहाड़ेगा और इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण को मुक्त कराएगा।

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