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मध्यप्रदेश: सबसे बड़े जॉब फ्रॉड रैकेट में 9 फेक वेबसाइट बनाने वाला मास्टर माइन्ड गिरफ्तार

ओडिशा पुलिस ने देश के सबसे बड़े जॉब फ्रॉड रैकेट में एक और संचालक को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। रविवार को ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने रतलाम से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रतलाम पुलिस ने बताया कि, जिस शख्स कि गिरफ्तारी की गई है, वो मध्य प्रदेश के रतलाम में जौरा का रहने वाला है और उसका नाम अर्पित पांचाल है. अर्पित एक आईटी विशेषज्ञ है और उसनें युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए लुभाती ऐसी 9 फेक वेबसाइटें विकसित की थी। इन वेबसाइट के माध्यम से ये लोग मोटी रकम ऐंठते थे।

आरोपी ने 9 फेक वेबसाइट बनाई

एक न्यूझ एजेंसी के मुताबिक, पिछले साल ईओडब्ल्यू द्वारा एक नौकरी धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था। जिसमें रैकेट के एक अन्य संचालक को गिरफ्तार किया गया, जो एक इंजीनियर भी है। आरोपी अर्पित पांचाल रतलाम से गिरफ्तार किया गया। वह एक वेबसाइट डेवलपर है और उसने गिरोह के लिए 9 फेक वेबसाइटें बनायी थीं। इन वेबसाइटों को सरकारी वेबसाइटों की तरह ही डिजाइन किया गया था। इन फेक वेबसाइट पर लोगों को सरकारी नोकरियों के विज्ञापन देखाई देते थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि, हमें लगभग 22,000 व्यक्तियों की एक सूची मिली है, जो इन वेबसाइटों के शिकार थे। पुलिस के मुताबिक, नौकरी की तलाश करने वाले पीड़ित युवक गुजरात और ओडिशा के थे। अभी पुलिस कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश जैसे अन्य राज्यों के युवाओं की भी जांच कर रही है.

पांच राज्यों के युवानओं को निशाना बनाया

इस मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है. पुलिस ने भुवनेश्वर की सब-डिवीजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट समक्ष आरोपी अर्पित पांचाल को ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए पेश किया था. गौरतलब है कि ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इससे पहले ही उत्तर प्रदेश, अलीगढ़ से चल रहे एक बड़े जॉब फ्रॉड रैकेट का खुलासा किया. जानकारी के मुताबिक,  स्कैमर्स ने गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया. इस मामले के मुख्य आरोपी जफर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है.

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